अभी किसी भी समय कोरोना वैक्सीन खरीदने हेतु सरकार का कोई प्लान नही,भारत और चीन से दिए गये वैक्सीन से अधिकतम आबादी हो जाएगी कवर –पी.ए.सी 

सरकार ने कोविड -19 से जुड़े स्वास्थ चुनौतियों को हर्ड इम्युनिटी और डोनेट किये हुए वेक्शीन पर छोड़ दिया है और उसके पास कम से कम इस मौजूदा साल कोरोना वैक्सीन खरीदने का कोई प्लान नही है .

अभी किसी भी समय कोरोना वैक्सीन खरीदने हेतु सरकार का कोई प्लान नही,भारत और चीन से दिए गये वैक्सीन से अधिकतम आबादी हो जाएगी कवर –पी.ए.सी 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के सचिव अमीर अशरफ ख्वाजा ने गुरुवार को लोक लेखा समिति (पीएसी) को जानकारी देते हुए यह बात कही। मेजर जनरल आमिर आमेर इकराम (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के कार्यकारी निदेशक) के मुताबिक, चीनी वैक्सीन कैन्सिनो की एक खुराक की कीमत 13 डॉलर है। उन्होंने यह कहा है कि चीन की तरह अंतरराष्ट्रीय दाताओं और मित्र देशों पर पाकिस्तान भरोसा कर रहा है।

पीएसी को एनएचएस सचिव ने  सूचित किया है कि चीनी दवा कंपनी सिनोफार्मा ने कोविड -19 वैक्सीन की पकिस्तान को एक मिलियन खुराक प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, वही यह कहते हुए कि आधा  मिलियन खुराक पाकिस्तान को सौंप दी गई थी, जिन वैक्शीन के लगभग 2,75,000 खुराक स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ काम कर स्वास्थ्य कर्मियों और कोविद -19 रोगियों को दी गई है ।

उन्होंने बताया है  कि दूसरे चरण में अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य  सुविधाओं के लिए  काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों  को शामिल क्र लिया जाएगा, जिसमें कि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग पकिस्तान के मोबाईल सर्विश क्रमांक  1166 को मेसेज भेजकर टीकाकरण के लिए अपना नाम पंजीकृत करा सकते हैं।
उन्होंने कहा है  कि पाकिस्तान में  इस साल 70 मिलियन लोगों का टीकाकरण करने की योजना बनाई गई  है।

एनएचएस सचिव ने यह भी कहा है की ,पाकिस्तान को भारत सरकार के माध्यम से भारत में  निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड  -19  का वैक्सीन का  16 मिलियन  मुफ्त खुराक भी मिलेगा , जो की पाकिस्तान की 20 प्रतिशत जनसंख्या  को कवर करेगा।

वैक्सीन और टीकाकरण के दिशा में  ग्लोबल अलायंस (Gavi) के साथ एक सार्वजनिक-निजी वैश्विक स्वास्थ्य साझेदारी की गई है जिसका लक्ष्य गरीब देशों में टीकाकरण का पहुच बढ़ाना है।राणा तनवीर हुसैन पीएसी अध्यक्ष ने एनएचएस सचिव से पूछा कि क्या वे मुफ्त के  वैक्सीन पाने के लिए इंतजार कर रहे हैं।

इस पर ख्वाजा ने जवाब  दिया की : "हमें अधिक वैक्सीन  खरीद  की आवश्यकता नहीं होगी।"वही पाक सचिव ने कहा कि पाकिस्तान को मार्च के मध्य तक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में बना एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का पहला खेप  मिलेगा और बाकी के जून तक देश में आने की उम्मीद है ।

वही वृद्ध लोगों का टीकाकरण 5 मार्च तक शुरू किया जाना  था; हालांकि, खेप आने  में देरी हुई है ।वही एक अन्य चीनी कंपनी ने पाकिस्तान में कंसिनो  वैक्सीन का तीसरे चरण का  परीक्षण किया गया था, जिसमें कुल 18,000 लोगों का  टीका करण किया गया था और टीका का  प्रभाव 85प्रतिशत रही  थी। वही लगभग 15 प्रतिशत आबादी ने एंटी-बॉडी विकसित  कर ली  है और उन्हें टीकाकरण की आवश्यकता नहीं है।