राशनकार्ड धारक अब देश के किसी भी कोने से ले सकेंगे राशन, 17 राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम लागू हुआ 

देशभर में  17 राज्यों द्वारा  ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ सिस्टम को लागू  कर दिया गया है, इस योजना से जुड़ने वाले राज्यों में नया  नाम उत्तराखंड का है

राशनकार्ड धारक अब देश के किसी भी कोने से ले सकेंगे राशन, 17 राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड सिस्टम लागू हुआ 

देशभर में  17 राज्यों द्वारा  ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ सिस्टम को लागू  कर दिया गया है. इस योजना से जुड़ने वाले राज्यों में नया  नाम उत्तराखंड का है. वन नेशन-वन राशन कार्ड प्रणाली को पूरा करने वाले राज्य अपनी जीएसडीपी के  0.25 फीसदी तक अतिरिक्त उधार लेने  के पात्र बन जाते हैं. इस कार्ड प्रणाली के तहत राशनकार्ड धारक देश में किसी  भी राशन की दुकान में  अपने हिस्से का राशन ले सकता  हैं.

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वित्त मंत्रालय ने  अपने एक बयान में कहा है , उक्त  17 राज्यों को व्यय विभाग द्वारा 37,600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधार लेने हेतु  अनुमति दी गई है. वन नेशन-वन राशन कार्ड सिस्टम के लागू होने से एनएफएसए और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को पूरे देश के  कहीं भी उचित मूल्य के दुकान द्वारा  लाभार्थियों को राशन देने की  उपलब्धता सुनिश्चित करानी होती  है.वही इस योजना से विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों, दैनिक भत्ता वाले श्रमिकों, कूड़ा हटाने वाले सफाईकर्मी , सड़क पर रहने वाले ऐसे लोग जिनके पास घर नही है , संगठित और असंगठित क्षेत्रों में अस्थायी कामगार मजदूर , व घरेलू श्रमिकों को इस योजना से  लाभ मिलेगा . खाद्य का अधिकार उनके जीवन के   सुरक्षा के संदर्भ में लोगो को  सशक्त बनाता है, जो अक्सर कामकाज के लिए अपने मूल राज्य से दूसरे राज्यों में चले जाते हैं.
 
यह  सिस्टम प्रवासी लाभार्थियों को देश में कहीं भी अपनी पसंद के उचित इलेक्ट्रॉनिक मूल्य की बिक्री (ई-पीओएस) से खाद्यान्न का आबंटन  प्राप्त करने में मदद करता है. वही कोविड -19 महामारी से  पैदा हुई कई चुनौतियों से निपटने हेतु  संसाधनो  की आवश्यकता के मद्देनजर, भारत सरकार ने 17 मई, 2020 को राज्यों की उधार सीमा को उनके जीएसडीपी के दो फीसदी तक बढ़ा दिया था. वही जीएसडीपी का एक प्रतिशत राज्यों द्वारा नागरिक केंद्रित सुधारों से जुड़ा हुआ  था.