बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तमाम दावों के बाद भी  चर्चित इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह की हत्याकांड को  पटना पुलिस अब तक सुलझा नही  पाई है

पटना के आला पुलिस अधिकारियों  के अनुसार इस मामले में अभी भी तीन शूटर उनकी गिरफ़्त से बाहर हैं. मृतक रूपेश के परिवार जनों ने  इस मामले  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सी बी आई  से कराने की मांग की है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के तमाम दावों के बाद भी  चर्चित इंडिगो मैनेजर रूपेश सिंह की हत्याकांड को  पटना पुलिस अब तक सुलझा नही  पाई है

पटना के आला पुलिस अधिकारियों  के अनुसार इस मामले में अभी भी तीन शूटर उनकी गिरफ़्त से बाहर हैं. मृतक रूपेश के परिवार जनों ने  इस मामले  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सी बी आई  से कराने की मांग की है. मृतक रूपेश की पत्नी नीतू सिंह ने शनिवार को नीतीश कुमार एक पत्र में लिख कर कहा है कि 12 फ़रवरी को हुए हत्या के बाद न्याय के लिए आपसे सात फ़रवरी को मुलाक़ात की थी, लेकिन इसके बाद भी  अभी तक अपराधियों की गिरफ़्तारी नहीं हो पाई  है.


गिरफ़्तार हुए अपराधीयो से भी , इस अपराध में शामिल हुए अन्य अपराधियों की पहचान नहीं की गयी है. अतः हाई कोर्ट की निगरानी में सी बी आई से  जांच कराई जाए. निश्चित रूप से नीतीश कुमार के  सरकार के लिए इस पत्र का सार्वजनिक हो जाना एक और आलोचना का कारण बनेगा क्योंकि एसआईटी, एसटीएफ़ और अन्य विशेष टीम के इस हत्या की जांच में जुटे होने के बाद भी अपराधी ख़ासकर शूटर गिरफ़्त से बाहर है

. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है  कि अगर परिवार वाले चाहेंगे तो सी बी आई से  जांच कराने की अनुशंसा भेजने में वो  कोई देर नहीं करेंगे . ऐसे में अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार कब तक इस  प्रस्ताव को  केंद्र को भेजती है. इस मामले में पटना पुलिस ने एक अपराधी को गिरफ़्तार किया था लेकिन उसके बयान में कई तरह के  विरोधाभास होने के कारण किसी को भी यह बात हजम  नहीं हो रही है कि दो महीने पूर्व रोडरेज में हुए मामले के कारण कोई हत्या की घटने को अंजाम दे देगा. लेकिन लोगो के  समझ से ये बात परे ही  है कि आख़िर अब तक बाक़ी के तीन शूटरों की  गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई है .