किसानो के आंदोलन के बीच हरियाणा में BJP की सरकार खतरे में,अविश्वास प्रस्ताव से बढ़ी मुसीबते 

90 विधायको वाले विधानसभा में भाजपा के पास खुद के 40 ,जेजेपी के 10 और पांच निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है.

किसानो के आंदोलन के बीच हरियाणा में BJP की सरकार खतरे में,अविश्वास प्रस्ताव से बढ़ी मुसीबते 

90 विधायको वाले विधानसभा में भाजपा के पास खुद के 40 ,जेजेपी के 10 और पांच निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है. वही कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं.हरियाणा में सत्ताधारी भाजपा को आज विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना होगा . विपक्षी दल का दावा है कि सरकार का समर्थन करने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है.

हालांकि, इस कदम को किसानो के आन्दोलन से जुड़ा हुआ देखा जा रहा है वहीं, दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी के गठबंधन से सरकार में मौजूद भाजपा का कहना है कि अब भी सरकार को कोई खतरा नहीं है. वही कांग्रेस के इस अविश्वाश प्रस्ताव से जेजेपी पर दबाव है. कांग्रेस ने कहा है कि इससे सामने आ जाएगा कि कौन-कौन किसानों का समर्थन नहीं करते.

वही जेजेपी के विधायकों ने कबूल किया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्रों में किसान उनका बहिष्कार कर रहे हैं.उक्त विधानसभा में बहुमत का आकड़ा 45 है,पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है की 2 विधायको ने समर्थन वापस ले लिए है,वही तमाम किसानो ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने की विधायको से अपील की हुई है.वही हरियाणा के कई इलाको में किसानों ने कहा है कि जो भी विधायक उनकी मांगों का समर्थन नहीं करेंगे, उनका वे बहिष्कार करेंगे.